जब जब गुनाहोंका सोचा

जब जब गुनाहोंका सोचा..


जब जब गुनाहोंका सोचा, फिर याद तेरी आयी
और कलवरी कि धारा हृदय से युँ चिल्लायी
यीशु तेरे होते गुनाह मै कैसे करूँ
यीशु तेरे होते खताह मै कैसे करूँ ।। कोरस।।

कभी कभी बगावत करता है मन,
तुझसे भी सुंदर लगता है धन ।(२)
सोनकी चमक पैसे कि सदा, ताने दे कौन है तेरा खुदा ।
तब मै घुटनोंपर झुकता हूँ, गालिफ आकर यूँ कहता हूँ।
यीशु तेरे होते बिकूँ तो कैसे बिकूँ (२) ।।१।।
यीशु तेरे होते गुनाह ...

ये सच है पाप का जोर है
तेरा इश्क हि इसका तोड है।(२)
लिपटूँँ तुझसे बच्चे कि तरह, हाथों में तेरे डोल है
तु मेरी खातिर पाप बना, ये सोचता हूँ तो कहता हूँ
यीशु तेरे होते नफरत मै कैसे करूँ (२) ।।२।।
यीशु तेरे होते गुनाह ...

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