गिन-गिन के स्तुति करूँ
गिन-गिन के, स्तुति करूँ, येशु नाम-तेरे, दानों के लिये तूने अब तक, संभाला मुझे, अपनी बाहों में, लिये हुए }(२) तेरे शत्रु का निशाना, तुझ पर होगा ना सफल }(२) आँखों की, पुतली जैसे, वो रखेगा, तुझे हर पल }(२) गिन गिन… आँधीयाँ बन के आयें, जिन्दगी के फ़िकर }(२) कौन है तेरा, खेवनहारा, है भरोसा, तेरा किधर }(२) गिन गिन… आये जो तुझको मिटाने, वे शस्त्र होंगे, बेअसर }(२) तेरा रचने, वाला तुझपर, रखता है, अपनी नज़र }(२) गिन गिन…