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Showing posts from July, 2019

गिन-गिन के स्तुति करूँ

गिन-गिन के, स्तुति करूँ, येशु नाम-तेरे, दानों के लिये तूने अब तक, संभाला मुझे, अपनी बाहों में, लिये हुए }(२) तेरे शत्रु का निशाना, तुझ पर होगा ना सफल }(२) आँखों की, पुतली जैसे, वो रखेगा, तुझे हर पल }(२) गिन गिन… आँधीयाँ बन के आयें, जिन्दगी के फ़िकर  }(२) कौन है तेरा, खेवनहारा, है भरोसा, तेरा किधर  }(२) गिन गिन… आये जो तुझको मिटाने, वे शस्त्र होंगे, बेअसर }(२) तेरा रचने, वाला तुझपर, रखता है, अपनी नज़र  }(२) गिन गिन…

तेरा लहू बडा किमती है प्रभू

तेरा लहू बडा किमती है प्रभू (४) क्यूंकी उस लहू में जो ताकत है जिससे हम पाते है छुटकारा               } २ तेरा लहू ........ (४) तूने जो लहू बहाया है सारी दुनिया को बचाया है } २ कभी तूने किसीसे ना कुछ मॉंगा कभी तूने किसीसे ना कुछ चाहा  } २ तेरा लहू....

खूबसूरत है मसीह तू

खूबसूरत है मसीह तू किस कलम रंग से लिखू तेरे चेहरे पे है जो बात होटों से कैसे कहूँ दिल तो डूबे फिर से डूबे तेरी मोहब्बत में, हो तेरा चेहरा जो ना देखूं फिर भला कैसे जीऊं कर सके बयॉं ना फरीश्ते तेरी मोहब्बत का, हो मैं तो माटी हूँ दो पल की मैं करूं तो कैसे करूं कितने खुदगर्ज़ यहाँ लोग नजर में प्यार नहीं, हो मर ही जाऊं जो मैं तेरी एक नजर से दूर रहूं

येशू तू है जिंदगी

येशू तू है जिंदगी तू है बंदगी तू हमारा खुदा       } २ सच्चाई है तूही तू जिंदगी का रास्ता तुझसा नहीं कोई तू है हमारा बादशाह करुणा का तू सागर महिमा का तू है राजा सॉसों में समॉकर मेरे दिल में येशू आजा  } २ करते है अर्पण तुझे ये जिस्म और रुह जान येशू................ निर्बल का तू बल है संकट में तू सहारा शांती हमें देता सबकुछ है तू हमारा तेरे खून से हमको मिली मुक्ती मसिहा महान येशू.............

पवित्र आत्मा उतर आओ

पवित्र आत्मा उतर आओ अभिषेक से हमे भर दो     } २ अग्निज्वाला समान उतर आ सनसनाहट के साथ उतर आ  } २ उतर आ (२) पवित्रात्मा उतर आ  } २ जाती जाती के लोग कांप उठे शतृओं पे तेरा नाम प्रगट करे  } २ जैसे प्रभु के भवन में आग उतरे मेरे मन मंदीर में भी आग भर दे  } २ पवित्रात्मा (३) उतर आ  } २ इस्राएली लोगों को छुडाने के लिए आग में से मुसा को पुकारने वाले  } २ जैसे कटिली झाडी में तेरी आग उतरे उस आग में से मुझको भी दर्शन दे  } २ पवित्रात्मा (३) उतर आ  } २ पवित्र आत्मा ................

जब किसीने ये मुझसे कहा

जब किसीने ये मुझसे कहा चलो प्रभु के घर को चले } २ मेरा मन आनंदीत हुआ मेरा मन झुमने लगा      } २ मैं तो प्रभु के घर को चला  (४) झूम झूम कर मैं नाचते हुए नाचते हुए मैं आनंद से     } २ मेरे यीशु से मिलने चला (४) मैं तो प्रभु के .......... (४) मेरा मन... मेरा मन... } २ हे भोर के तारो अब जाग उठो हे वीणा के तारो अब बोलने लगो  } २ मेरे यीशु की प्रशंसा करो  (४) मैं तो प्रभु के........ (४) मेरा मन... मेरा मन... (२) कब जा कर मैं देखूं उसे कब जा कर मैं पुजू उसे  } २ मेरा मन पूछने लगा मेरा मन सोचने लगा   } २ मैं तो प्रभु के......  (४) मेरा मन... मेरा मन... (२) जब किसीने....चलो... (२)

यहोवा यिरे मेरा तू दाता

यहोवा यिरे मेरा तू दाता तू मुझको काफी है यहोवा राफा चंगा करने वाला तेरे मार खाने से मैं स्वतंत्र यहोवा शम्मा तू मेरे साथ है मेरी घटी पूरी करेगा तू भर काफी है (२) तू भर काफी है मुझको  } २ यहोवा एलोहिम सृष्टी करने वाला अपने वचन से सबकुछ बनाया यहोवा एलिहोम परमप्रधान तू तेरे समान और कोई नहीं यहोवा शालोम तू मेरी शांती देगा वो शांती तुम्हें तू भर काफी है (२) तू भर काफी है मुझको यहोवा यिरे.....

तू मेरा शरणस्थान - गहरे प्यार से

तू मेरा शरणस्थान तू मेरा गढ है संकट में मेरा दोस्त मेरा प्रभू आराधना करूं मैं पूरे दिल से मैं तुझे ढुंढुंगा संपूर्ण जीवन में तेरी सेवा करूंगा मेरी सारी चीजों से मैं हूँ यहाँ गहरे प्यार से तूने प्यार किया मॉं से गहरा है प्यार तेरा      } २ तुझको मैं कभी भुलूंगा नहीं   } २ तेरे साथ साथ मैं चलूंगा एक नूर के समान रहूंगा तू मेरा गीत है मेरा संगीत है जीवन की राह में मनमीत है तेरी मर्जी से मैं सदा चलूं  } २ तेरे साथ साथ मैं चलूंगा एक नूर के समान रहूंगा आराधना.... मैं तुझे.... तेरी सेवा.... मैं हूँ.... } २ मैं हूँ यहाँ प्रभू.... ४ मैं हूँ यहाँ..... ३