आओ मिल कर बड़ा दिन मनायें
आओ मिल कर बड़ा दिन मनायें
गीत अपने मसीहा के गायेंआओ मिल कर बड़ा दिन मनायें ||
उसकी उल्फ़त का मौसम सुहाना
खुश हुआ आज सारा ज़माना (२)
सारे शिकवे गीले भूल जायें
आओ मिल कर बड़ा दिन मनायें (२)।।
जिन से झगड़ें सुलहा उन से करलें
दामन-ए-दिल को खुशियों से भरलें (२)
आज रुठे हूओं को मनायें
आओ मिल कर बड़ा दिन मनायें (२) ।।
उसका पैग़ाम है रास्ती का
उसका पैग़ाम है ज़िंदगी का
उसका पैग़ाम सब को सुनायें
आओ मिल कर बड़ा दिन मनायें (2) ।।
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