गिन-गिन के स्तुति करूँ
गिन-गिन के, स्तुति करूँ,
येशु नाम-तेरे, दानों के लिये
तूने अब तक, संभाला मुझे,
अपनी बाहों में, लिये हुए }(२)
तेरे शत्रु का निशाना,
तुझ पर होगा ना सफल }(२)
आँखों की, पुतली जैसे,
वो रखेगा, तुझे हर पल }(२)
गिन गिन…
आँधीयाँ बन के आयें,
जिन्दगी के फ़िकर }(२)
कौन है तेरा, खेवनहारा,
है भरोसा, तेरा किधर }(२)
गिन गिन…
आये जो तुझको मिटाने,
वे शस्त्र होंगे, बेअसर }(२)
तेरा रचने, वाला तुझपर,
रखता है, अपनी नज़र }(२)
गिन गिन…
येशु नाम-तेरे, दानों के लिये
तूने अब तक, संभाला मुझे,
अपनी बाहों में, लिये हुए }(२)
तेरे शत्रु का निशाना,
तुझ पर होगा ना सफल }(२)
आँखों की, पुतली जैसे,
वो रखेगा, तुझे हर पल }(२)
गिन गिन…
आँधीयाँ बन के आयें,
जिन्दगी के फ़िकर }(२)
कौन है तेरा, खेवनहारा,
है भरोसा, तेरा किधर }(२)
गिन गिन…
आये जो तुझको मिटाने,
वे शस्त्र होंगे, बेअसर }(२)
तेरा रचने, वाला तुझपर,
रखता है, अपनी नज़र }(२)
गिन गिन…
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